गाड़ी
रोए,
जेब भी रोए, रोए आम इंसान रे
कैसा
यह सब खेल तुम्हारा, कैसा है विधान रे!
टैक्स-टोल
सब पूरा भरके, हम लाचार खड़े हैं
सत्ता
में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!
घोल
दिया एथेनॉल तेल में, लूटी जेब हमारी
गाड़ी-इंजन
तबाह हो गए, रोती जनता सारी!
एपस्टीन
फाइलों वाले भी, सिंहासन चढ़े हैं
सत्ता
में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!!
सौ-सौ
साल पुराने पुल तो, खड़े हैं सीना ताने
आज
हाईवे-पुल ढह जाते, दुनिया सब-कुछ जाने!
गड्ढों
वाली सड़कों पर भी, टोल के नियम कड़े हैं
सत्ता
में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!
राशन
महँगा हुआ इलाज, महँगी हुई पढ़ाई
ख़ून-पसीने
की कमाई पर, टैक्स पे टैक्स चढ़ाई!
अपने
हक़ की ख़ातिर देखो, दर-दर लोग खड़े हैं,
सत्ता
में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!!

