Saturday, 1 August 2026

सत्ता में बदलाव के दिन

 


गाड़ी रोए, जेब भी रोए, रोए आम इंसान रे

कैसा यह सब खेल तुम्हारा, कैसा है विधान रे!

टैक्स-टोल सब पूरा भरके, हम लाचार खड़े हैं

सत्ता में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!

 

घोल दिया एथेनॉल तेल में, लूटी जेब हमारी

गाड़ी-इंजन तबाह हो गए, रोती जनता सारी!

एपस्टीन फाइलों वाले भी, सिंहासन चढ़े हैं

सत्ता में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!!

सौ-सौ साल पुराने पुल तो, खड़े हैं सीना ताने

आज हाईवे-पुल ढह जाते, दुनिया सब-कुछ जाने!

गड्ढों वाली सड़कों पर भी, टोल के नियम कड़े हैं

सत्ता में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!

 

राशन महँगा हुआ इलाज, महँगी हुई पढ़ाई

ख़ून-पसीने की कमाई पर, टैक्स पे टैक्स चढ़ाई!

अपने हक़ की ख़ातिर देखो, दर-दर लोग खड़े हैं,

सत्ता में बदलाव के दिन, अब ये आन पड़े हैं!!

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